विदेशी निवेश: कौन राज्य किधर?
शनिवार, 15 सितंबर, 2012 को 17:22 IST तक के समाचार
बड़ी कंपनियों को राज्य में स्टोर खोलने देने का फ़ैसला सुबों की सरकारों को लेना है.
मनमोहन सिंह मंत्रीमंडल ने ख़ुदरा व्यापार और नागरिक उड्डयन सहित कई क्षेत्रों में विदेशी निवेश की इजाज़त दे दी है.
मल्टी-ब्रांड ख़ुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की घोषणा करते समय केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद
शर्मा ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां जैसे वॉलमार्ट और टेस्को वगैरह को
अपने क्षेत्र में स्टोर खोलने की आज्ञा देने का ज़िम्मा राज्यों पर छोड़
दिया गया है.लेकिन आप आम सहमति को एक राय नहीं समझें, एकमतता के लिए तो हमें अनंत काल तक इंतज़ार करना होगा.
आनंद शर्मा ने कुछ राज्यों जैसे दिल्ली, असम, महाराष्ट्र वगैरह का नाम लेते हुए कहा कि इन मुख्यमंत्रियों ने लिखित में इसके के पक्ष में कहा है.
क्या राय है इस मामले में राज्यों की:
समर्थन
हरियाणा: मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुडा ने ख़ुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के निर्णय का फ़ैसला किया है और कहा है कि इससे किसानों को उनके माल की बेहतर क़ीमत मिलेगी और ये उपभोगताओं को फ़ायदेमंद होगा.दिल्ली: मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मंत्रीमंडल के फ़ैसले को बहुत बड़ा क़दम बताया और कहा कि इससे लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ मुहैया हो पाएंगे और नौकरियां पैदा होंगी.
राजस्थान: कांग्रेस शासित एक दूसरे प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने कहा कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को फ़ायदा पुहंचेगा.
महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वन के मुताबिक़ इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और माल की सप्लाई में पैदा होनेवाली बाधाएं ख़त्म होंगी.
असम: असम के मुख्यमंत्री के इस फ़ैसले से ख़ुश होने की बात कही गई है.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री द्वारा भी इस फैसेल के समर्थन की बात कही है.
विरोध
रिटेल क्षेत्र को खोले जाने के विरोध के चलते इसे लंबे समय से टाला जाता रहा है.
गुजरात: मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वो नहीं जानते कि प्रधानमंत्री कर क्या रहे हैं. उनके मुताबिक़ छोटे दुकानदारों का धंधा इससे चौपट हो जाएगा. हालांकि नरेंद्र मोदी पहले इस खुदरा व्यापार में विदेशी निवेश के पक्ष में बोलते रहे हैं.
उड़ीसा: पिछले साल दिए गए एक बयान में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसे मुल्क को पीछे ले जानेवाला और ग़लत सलाह पर लिया गया फ़ैसला बताया था.
पश्चिम बंगाल: तृणमुल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने 72 घंटे के भीतर इस फ़ैसले को वापस लेने की मांग की है.
उत्तर प्रदेश: केंद्र की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी के राज्य के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में किए गए एक प्रेस कांफ्रेस में साफ़ किया है कि वो इस फ़ैसले को राज्य में लागू नहीं करेंगे.
बिहार: मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा कि इससे लाखों लोगों को कामकाज का नुक़सान होगा.
मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के अनुसार इस फ़ैसले से छोटे व्यापारियों और किराना दुकानदारों को नुक़सान उठाना होगा.
अनिश्चित
पंजाब: मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी कहा है कि वो इसपर बाद में निर्णय देंगे. प्रकाश सिंह बादल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल है जिसका मुख्य दल भारतीय जनता पार्टी इस फैसले का विरोध कर रहा है.झारखंड: मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि वो नागरिकों और स्थानीय व्यापारियों से सलाह मशिवरा करने के बाद किसी नतीजे पर पहुंचेंगे.
कर्णाटक: उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी ने कहा है कि राज्य सरकार नीति का गहन अध्ययन करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेगी. कर्णाटक में बीजेपी की सरकार है.
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